20% Marks From Internal Assessment 80% From Best Of Previous Semesters: Calcutta University – कलकत्ता विश्वविद्यालय: 20 फीसदी आंतरिक मूल्यांकन और 80 फीसदी पूर्व सत्रों के प्रदर्शन के आधार पर मिलेंगे अंक

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एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 03 Jul 2020 05:27 PM IST

परीक्षा (प्रतिकात्मक तस्वीर)
– फोटो : Social media

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कलकत्ता विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि कोरोना वायरस की वजह से परीक्षा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के जरिए पास किया जाएगा। यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन और पूर्व सत्रों में उनके प्रदर्शन के आधार पर अगली कक्षा में डाला जाएगा। स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को 20 फीसदी आंतरिक मूल्यांकन और 80 फीसदी पिछले सत्रों में प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नत किया जाएगा। विद्यार्थियों को पिछले सत्रों की परीक्षाओं में उनके बेहतर प्रदर्शन के आधार पर 80 फीसदी नंबर दिए जाएंगे जबकि 20 फीसदी नंबर आंतरिक मूल्यांकन के होंगे।

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विश्वविद्यालय के एक अधिकारी का कहना है कि यह निर्णय सिंडिकेट की एक बैठक के बाद लिया गया है।  दिन के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा के तौर-तरीकों पर चर्चा करने के लिए संस्था का सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था। बैठक में फैसला लिया गया कि अकादमिक वर्ष 2019-20 में फाइनल ईयर/सेमेस्टर की परीक्षा में विद्यार्थियों को 20 फीसदी आंतरिक मूल्यांकन और 80 फीसदी पूर्व सत्रों के प्रदर्शन के आधार पर अंक देकर पास किया जाएगा।  BA/B.Sc के अंतिम वर्ष/सत्र की परीक्षाओं में विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन और पिछले सालों के सेमेस्टर में उनके प्रदर्शन के आधार पर पास किया जाएगा। पार्ट III (1+1+1) और बीकॉम पार्ट III ओल्ड (1+1+1) में पिछले दो सालों के मार्क्स का बेस्ट एग्रीगेट परसेंटेज से 80 फीसदी मार्क्स दिए जाएंगे जबकि इंटरनल असेसमेंट से 20 फीसदी मार्क्स दिए जाएंगे।

कलकत्ता विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि कोरोना वायरस की वजह से परीक्षा नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन के जरिए पास किया जाएगा। यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को आंतरिक मूल्यांकन और पूर्व सत्रों में उनके प्रदर्शन के आधार पर अगली कक्षा में डाला जाएगा। स्नातक और स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों को 20 फीसदी आंतरिक मूल्यांकन और 80 फीसदी पिछले सत्रों में प्रदर्शन के आधार पर पदोन्नत किया जाएगा। विद्यार्थियों को पिछले सत्रों की परीक्षाओं में उनके बेहतर प्रदर्शन के आधार पर 80 फीसदी नंबर दिए जाएंगे जबकि 20 फीसदी नंबर आंतरिक मूल्यांकन के होंगे।

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